Saturday, October 31, 2009

इस युग की माँ शारदे ,तू धर्म की प्राण है।
ज्ञानमती नाम है, ज्ञान की तू खान है, चारित्र परिधान है॥
आर्यिका चंदनामती
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
मंगलम् शन्तिनाथोर्हन ,कुन्थुनाथोस्तु मंगलम्।
मंगलम् अरनाथोपी ,जन्मभूमिश्च मंगलम्॥
गणिनी ज्ञानमती
जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर

Thursday, October 29, 2009

नित्य निरंजन देव ,अखिल अमंगल को हरे।

नित्य करुँ मैं सेव , मेरे कर्मांजन हरें ॥

गणिनी ज्ञानमती

जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर

शान्ति कुन्थु अ़रनाथ को, नमन करूँ शत बार ।

हस्तिनागपुर में हुवे ,तीनों के अवतार ॥

आर्यिका चंद्नामती

Wednesday, October 28, 2009

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का जन्म २२ अक्टूबर १९३४ -शरद पूर्णिमा की रात्री ९-१५ बजे हुआ था उनके 7६वे जयन्ती के अवसरजन्म पर हम सभी विनायांजली समर्पित करते हैं ।

रवींद्र जैन

परम अहिंसा धर्म को, जो धारें धर प्रीति।
आत्यंतिक सुख शान्ति ले,यही जिनागम रीति॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
please visit us- www.jambudweep.org

गुरु भक्ति की महिमा

सच तो सच्चे गुरु की महिमा ,अज्ञानी समझ न पाते हैं।
ज्ञानी उनको ब्रम्हा एवं , विष्णू महेश बतलाते हैं॥
भगवान् तो ऊपर रहते हैं, गुरु उनका पथ बतलाते हैं।
गुरु के पथ पर चलने वाले इक दिन ख़ुद गुरु बन जाते हैं॥
आर्यिका माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर

पावन संदेश

हस्तिनापुर तीर्थ प्राचीन काल से तीर्थंकर आदि महापुरुषों की जन्म भूमि के रूप में पवित्र रहा है। यहाँ भगवान् शांतिनाथ -कुंथुनाथ -अरहनाथ के चार -चार कल्याणक हुए हैं । इसके दर्शन करके अपनी आत्मा को पवित्र बनाएं यही प्रेरणा और मंगल आशीर्वाद है।
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर

Sunday, October 25, 2009

प्रभु पद भक्ति प्रसाद से, मिले यही वरदान।
'' ज्ञानमती ''निधि पूर्ण हो, मिले अंत निर्वाण ॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बुद्वीप- हस्तिनापुर [मेरठ -उत्तर प्रदेश ]
महानुभावों! प्रतिदिन प्रातःकाल कम से कम १० मिनट आत्मा का ध्यान अवश्य करें । इससे आत्मा पवित्र होगी और शारीरिक स्वस्थता मिलेगी । जैसे शरीर के लिए भोजन आवश्यक है वैसे ही आत्मा के लिए ध्यान और प्रभु भक्ति आवश्यक है । आपका जीवन मंगल मय होवे ,यही शुभाशीर्वाद है ।
आर्यिका चंदनामती
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर

Saturday, October 24, 2009

स्वयंसिद्ध यह द्वीप है, जम्बूद्वीप महान ।
सब द्वीपों में है प्रथम, अनुपम रत्न निधान॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
गनिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी हैं , उनके आशीर्वाद के लिए जम्बूद्वीप पधारें और जम्बूद्वीप वेबसाइट पर उनके लाइव प्रवचन प्रातः ६.३० सुन सकते हैं ।
रवींद्र जैन

Friday, October 23, 2009

विचार

गुण अनंत मंडित प्रभो ! करो ह्रदय में वास ।
केवल "ज्ञानमती "मिले ,जो अनंत गुण राशि ॥ १॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर

Thursday, October 22, 2009

जिनके उर में कल कल बहती , गंगा की निर्मल धारा ।
त्याग और शुभ ज्ञानमणि से , जिनने निज को श्रंगारा ॥
वचनों के मोती बिखरातीं ,युग की पहली बाल सती ।
मेरा शत वंदन स्वीकारो , गणिनी माता ज्ञानमती ॥
----आर्यिका चंदनामती ,
जम्बूद्वीप -हस्तिनापुर -भारत
चतुर्मुखी ब्रम्हा तुम्ही ,ज्ञान व्याप्त जग विष्णु ।
देवों के भी देव हो ,महादेव अरि जिष्णु ॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी

Tuesday, October 20, 2009

तीर्थंकर गुण रत्न को , गिनत न पावे पार ।
तीन रतन के हेतु मैं , नमूँ अनंतों बार ॥

भगवान् जिनेन्द्र की भक्ति सभी कार्यों की सिद्धि होती है ,अतः भक्ति करते हुए अपने मनुष्य जन्म को सार्थक करें यही मंगल आशीर्वाद है --गणिनी ज्ञानमती माताजी ,जम्बुद्वीप, हस्तिनापुर
प्रिय बंधुओं!
आप सभी गुरुओं की भक्ति करते हुए अपना जीवन सफल करे यही मंगल प्रेरणा है !
आर्यिका चंदना मती ,जम्बूद्वीप -हस्तिनापुर

Wednesday, October 14, 2009

१९ अक्टूबर २००९ ,कार्तिक शुक्ला एकम सोमवार को वीर निर्वाण संवत २५३६ का प्रथम दिवस है । यह नया वर्ष आप सबके लिए मंगल मयी होवे ,यही मंगल आशीर्वाद है । ----गणिनी ज्ञानमती माताजी ,जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
मेरठ -भारत
नया साल आया है वंदन कर लो , वंदन कर लो ,अभिनन्दन कर लो ।
यह वीर संवत प्राचीन है , महावीर प्रभू की देन है ॥ नया साल आया है० ॥
वीर निर्वाण संवत २५३६वा आप सबके लिए मंगल मय होवे ---गणिनी ज्ञानमती माताजी ,
जम्बूद्वीप - हस्तिनापुर ,मेरठ -उ.प्र।

Sunday, October 11, 2009

णमो अरिहंताणं। णमो सिद्धाणं । णमो आयरियाणं । णमो उवज्झायाणं । णमो लोए सव्वसाहूणं ।
जय ज्ञानमती
ज्ञानमती को नित नमूँ, ज्ञान कलि खिल जाय. ज्ञान ज्योति की चमक में ,जीवन मम मिल जाय.