सच तो सच्चे गुरु की महिमा,अज्ञानी समझ न पाते हैं।
ज्ञानी उनको ब्रम्हा एवं विष्णू महेश बतलाते हैं॥
भगवान् तो ऊपर रहते हैं ,गुरु उनका पथ बतलाते हैं।
गुरु के पथ पर चलने वाले इक दिन ख़ुद गुरु बन जाते हैं॥
आर्यिका चंदना मति माताजी
जम्बूद्वीप -हस्तिनापुर
Monday, November 30, 2009
Thursday, November 19, 2009
आवश्यक समाचार
आप सभी लोग प्रतिदिन इस मन्त्र का जाप अवश्य करें-
ॐ ह्रीं विश्व शान्तिकारक श्री शान्तिनाथ जिनेन्द्राय नमः
इसके द्वारा संपूर्ण विश्व में शान्ति की स्थापना होवे यही मंगल कामना है ।
ganinee Gyanmati Mataji
Jmbudweep- Hastinapur ,INDIA
ॐ ह्रीं विश्व शान्तिकारक श्री शान्तिनाथ जिनेन्द्राय नमः
इसके द्वारा संपूर्ण विश्व में शान्ति की स्थापना होवे यही मंगल कामना है ।
ganinee Gyanmati Mataji
Jmbudweep- Hastinapur ,INDIA
Wednesday, November 18, 2009
जीवन्धर कुमार नामके एक राजकुमार ने मरते हुए कुत्ते को णमोकार मंत्र सुनाया था। जिसके फलस्वरूप वह कुत्ता मर कर देव बन गया, पुनः वहाँ से आकर उसने जीवन्धर कुमार को नमस्कार किया और सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहा
एसो पञ्च नमस्कारो, सव्व पावप्पनासनो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइं मंगलं॥
अर्थात यह णमोकार मन्त्र सभी पापों का नाश करने वाला है, और सभी मंगलों में पहला मंगल है।
आर्यिका चंदनामती
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
एसो पञ्च नमस्कारो, सव्व पावप्पनासनो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइं मंगलं॥
अर्थात यह णमोकार मन्त्र सभी पापों का नाश करने वाला है, और सभी मंगलों में पहला मंगल है।
आर्यिका चंदनामती
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
अमूल्य वचन
चिंतामणि जिन्मूर्तियाँ , चिंतित फल दातार।
चिच्चैतन्य जिनेन्द्र को, नमूँ नमूँ शत बार॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
चिच्चैतन्य जिनेन्द्र को, नमूँ नमूँ शत बार॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
Friday, November 13, 2009
जिन bhakti
प्रभु गुण सूत्र पिरोय स्रज, विविध वर्ण मय फूल।
धरें कंठ उन ज्ञानमति,लक्ष्मी हों अनुकूल॥ १॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
धरें कंठ उन ज्ञानमति,लक्ष्मी हों अनुकूल॥ १॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
जम्बूद्वीप- हस्तिनापुर
Thursday, November 12, 2009
अमूल्य वचन
तीर्थंकर गुण रत्न को, गिनत न पावें पार।
तीन रत्न के हेतु मैं , नमूँ अनंतों बार॥ १॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
हस्तिनापुर -मेरठ ,उत्तर प्रदेश -भारत
तीन रत्न के हेतु मैं , नमूँ अनंतों बार॥ १॥
गणिनी ज्ञानमती माताजी
हस्तिनापुर -मेरठ ,उत्तर प्रदेश -भारत
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